1फिर जब मूसा ने निवास को खड़ा किया, और सारे सामान समेत उसका अभिषेक करके उसको पवित्र किया, और सारे सामान समेत वेदी का भी अभिषेक करके उसे पवित्र किया,2तब इस्राएल के प्रधान जो अपने-अपने पितरों के घरानों के मुख्य पुरुष, और गोत्रों के भी प्रधान होकर गिनती लेने के काम पर नियुक्त थे,3वे यहोवा के सामने भेंट ले आए, और उनकी भेंट छः भरी हुई गाड़ियाँ और बारह बैल थे, अर्थात् दो-दो प्रधान की ओर से एक-एक गाड़ी, और एक-एक प्रधान की ओर से एक-एक बैल; इन्हें वे निवास के सामने यहोवा के समीप ले गए।4तब यहोवा ने मूसा से कहा,5“उन वस्तुओं को तू उनसे ले ले, कि मिलापवाले तम्बू की सेवकाई में काम आएँ, तू उन्हें लेवियों के एक-एक कुल की विशेष सेवकाई के अनुसार उनको बाँट दे।”6अतः मूसा ने वे सब गाड़ियाँ और बैल लेकर लेवियों को दे दिये।7गेर्शोनियों को उनकी सेवकाई के अनुसार उसने दो गाड़ियाँ और चार बैल दिए;8और मरारियों को उनकी सेवकाई के अनुसार उसने चार गाड़ियाँ और आठ बैल दिए; ये सब हारून याजक के पुत्र ईतामार के अधिकार में किए गए।9परन्तु कहातियों को उसने कुछ न दिया, क्योंकि उनके लिये पवित्र वस्तुओं की यह सेवकाई थी कि वह उसे अपने कंधों पर उठा लिया करें।10फिर जब वेदी का अभिषेक हुआ तब प्रधान उसके संस्कार की भेंट वेदी के समीप ले जाने लगे।11तब यहोवा ने मूसा से कहा, “वेदी के संस्कार के लिये प्रधान लोग अपनी-अपनी भेंट अपने-अपने नियत दिन पर चढ़ाएँ।”12इसलिए जो पुरुष पहले दिन अपनी भेंट ले गया वह यहूदा गोत्रवाले अम्मीनादाब का पुत्र नहशोन था;13उसकी भेंट यह थी, अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;14फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;15होमबलि के लिये एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;16पापबलि के लिये एक बकरा;17और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। अम्मीनादाब के पुत्र नहशोन की यही भेंट थी।18दूसरे दिन इस्साकार का प्रधान सूआर का पुत्र नतनेल भेंट ले आया;19वह यह थी, अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;20फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;21होमबलि के लिये एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;22पापबलि के लिये एक बकरा;23और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। सूआर के पुत्र नतनेल की यही भेंट थी।24और तीसरे दिन जबूलूनियों का प्रधान हेलोन का पुत्र एलीआब यह भेंट ले आया,25अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;26फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;27होमबलि के लिये एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;28पापबलि के लिये एक बकरा;29और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। हेलोन के पुत्र एलीआब की यही भेंट थी।30और चौथे दिन रूबेनियों का प्रधान शदेऊर का पुत्र एलीसूर यह भेंट ले आया,31अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;32फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;33होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;34पापबलि के लिये एक बकरा;35और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। शदेऊर के पुत्र एलीसूर की यही भेंट थी।36पाँचवें दिन शिमोनियों का प्रधान सूरीशद्दै का पुत्र शलूमीएल यह भेंट ले आया,37अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;38फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;39होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;40पापबलि के लिये एक बकरा;41और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। सूरीशद्दै के पुत्र शलूमीएल की यही भेंट थी।42और छठवें दिन गादियों का प्रधान दूएल का पुत्र एल्यासाप यह भेंट ले आया,43अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;44फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;45होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;46पापबलि के लिये एक बकरा;47और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। दूएल के पुत्र एल्यासाप की यही भेंट थी।48सातवें दिन एप्रैमियों का प्रधान अम्मीहूद का पुत्र एलीशामा यह भेंट ले आया,49अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;50फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;51होमबलि के लिये एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;52पापबलि के लिये एक बकरा;53और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। अम्मीहूद के पुत्र एलीशामा की यही भेंट थी।54आठवें दिन मनश्शेइयों का प्रधान पदासूर का पुत्र गम्लीएल यह भेंट ले आया,55अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;56फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;57होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;58पापबलि के लिये एक बकरा;59और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। पदासूर के पुत्र गम्लीएल की यही भेंट थी।60नवें दिन बिन्यामीनियों का प्रधान गिदोनी का पुत्र अबीदान यह भेंट ले आया,61अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;62फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;63होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;64पापबलि के लिये एक बकरा;65और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। गिदोनी के पुत्र अबीदान की यही भेंट थी।66दसवें दिन दानियों का प्रधान अम्मीशद्दै का पुत्र अहीएजेर यह भेंट ले आया,67अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;68फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;69होमबलि के लिये बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;70पापबलि के लिये एक बकरा;71और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। अम्मीशद्दै के पुत्र अहीएजेर की यही भेंट थी।72ग्यारहवें दिन आशेरियों का प्रधान ओक्रान का पुत्र पगीएल यह भेंट ले आया।73अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;74फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का धूपदान;75होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;76पापबलि के लिये एक बकरा;77और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। ओक्रान के पुत्र पगीएल की यही भेंट थी।78बारहवें दिन नप्तालियों का प्रधान एनान का पुत्र अहीरा यह भेंट ले आया,79अर्थात् पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से एक सौ तीस शेकेल चाँदी का एक परात, और सत्तर शेकेल चाँदी का एक कटोरा, ये दोनों अन्नबलि के लिये तेल से सने हुए और मैदे से भरे हुए थे;80फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;81होमबलि के लिये एक बछड़ा, और एक मेढ़ा, और एक वर्ष का एक भेड़ी का बच्चा;82पापबलि के लिये एक बकरा;83और मेलबलि के लिये दो बैल, और पाँच मेढ़े, और पाँच बकरे, और एक-एक वर्ष के पाँच भेड़ी के बच्चे। एनान के पुत्र अहीरा की यही भेंट थी।84वेदी के अभिषेक के समय इस्राएल के प्रधानों की ओर से उसके संस्कार की भेंट यही हुई, अर्थात् चाँदी के बारह परात, चाँदी के बारह कटोरे, और सोने के बारह धूपदान।85एक-एक चाँदी का परात एक सौ तीस शेकेल का, और एक-एक चाँदी का कटोरा सत्तर शेकेल का था; और पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से ये सब चाँदी के पात्र दो हजार चार सौ शेकेल के थे।86फिर धूप से भरे हुए सोने के बारह धूपदान जो पवित्रस्थान के शेकेल के हिसाब से दस-दस शेकेल के थे, वे सब धूपदान एक सौ बीस शेकेल सोने के थे।87फिर होमबलि के लिये सब मिलाकर बारह बछड़े, बारह मेढ़े, और एक-एक वर्ष के बारह भेड़ी के बच्चे, अपने-अपने अन्नबलि सहित थे; फिर पापबलि के सब बकरे बारह थे;88और मेलबलि के लिये सब मिलाकर चौबीस बैल, और साठ मेढ़े, और साठ बकरे, और एक-एक वर्ष के साठ भेड़ी के बच्चे थे। वेदी के अभिषेक होने के बाद उसके संस्कार की भेंट यही हुई।89और जब मूसा यहोवा से बातें करने को मिलापवाले तम्बू में गया, तब उसने प्रायश्चित के ढकने पर से, जो साक्षीपत्र के सन्दूक के ऊपर था, दोनों करूबों के मध्य में से उसकी आवाज सुनी जो उससे बातें कर रहा था; और उसने (यहोवा) उससे बातें की।