शक्ति के लिए बाइबिल वचन
पवित्र शास्त्र में सामर्थ्य का स्रोत ईश्वर पर भरोसा बताया गया है। फिलिप्पियों 4:13 कहता है कि मसीह के द्वारा मनुष्य को हर परिस्थिति का सामना करने का बल मिलता है।
प्रमुख बाइबिल वचन
"जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ।"
"परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएँगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।"
"परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक।"
"यहोवा मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूँ? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किसका भय खाऊँ?"
"इसलिए प्रभु में और उसकी शक्ति के प्रभाव में बलवन्त बनो।"
"तू हियाव बाँध और दृढ़ हो, उनसे न डर और न भयभीत हो; क्योंकि तेरे संग चलनेवाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; वह तुझको धोखा न देगा और न छोड़ेगा।” (इब्रा. 13:5)"